बजट से संबंधित ये बातें आप नही जानते होंगे – Budget in Hindi

बजट से संबंधित रोचक तथ्य तथा इसकी जानकारी

Interesting Facts and Information about budget – in Hindi

संसद में आम बजट पेश होने के दिन का तो सबको बेसब्री से इंतजार होता हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये बजट कैसे छपती हैं।

इस पोस्ट में आप पढ़ेंगे बजट छपने से संबंधित जानकारी, रोचक बातें तथा Interesting facts.

1. कब होता है पेश – देश की आजादी के बाद संसद में पहला बजट आर के संमुखम छेत्ती ने 26 नवंबर 1947 को पेश किया था। बजट हर आर्थिक साल के फरवरी महीने के आखिरी दिन पेश किया जाता है। संसद के दोनों सदनों से पास होने तथा राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बजट 1 अप्रैल से लागू हो जाता है। वर्ष 2001 के बाद से वित्त मंत्री लोकसभा में बजट सुबह 11 बजे पेश करते हैं। इसके पहले शाम पाँच बजे बजट पेश होता था क्योंकि जब लंदन में दोपहर 11-11:30 के बीच बजट पेश हो जाता था तब समय में 5:30 घंटों के अंतर के कारण भारत में शाम के पाँच बज रहे होते थे। सालों से चली आ रही इस अंग्रेजी प्रथा को 2001 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री यशवंत सिन्हा ने तोड़ा था।

2. हलवा परंपरा – बजट दस्तावेजों की छपाई हलवा खाने के बाद होती हैं। इस हलवे को बनाने की शुरुआत खुद वित्तमंत्री करते हैं तथा बाकी के कार्य हलवाई। ये मूंग के दाल की हलवा होती है और इसे वित्तमंत्री मौजूद कर्मचारी व सहयोगियों को अपने हाथ से परोसकर सालों से चली आ रही इस हलवे के रस्म को पूरा करते हैं।

3. कमरे में बंद रहते हैं अधिकारी – बजट बनने तथा छपने के दौरान वित्त मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी, विशेषज्ञ, स्टेनोग्राफर्स, प्रिंटिंग टेक्निशियन तथा अन्य कर्मचारी नॉर्थ ब्लॉक में एक तरह से कैद रहते हैं। यानी कि आखिरी के सात दिनों तक वे दुनिया से एकदम अलग हो जाते हैं। किसी विशेष आपातकालीन स्थिति में ही वे अपने परिवार से बात कर सकते हैं, लेकिन उनसे सीधे-सीधे बात नहीं कर सकते। उन्हें तब तक छुट्टी नहीं दी जाती जब तक वित्त मंत्री सदन में बजट पेश नहीं कर देते। अति आपातकालीन परिस्थितियों में वरिष्ठ अधिकारियों को घर जाने की अनुमति होती हैं। इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी बजट बनाने वाली टीम की गतिविधियों और फोन कॉल्स पर नजर रखते हैं साथ ही एक पावरफुल मोबाइल जैमर नार्थ ब्लॉक में इंस्टॉल किया जाता है जिसका उपयोग कॉल्स को ब्लॉक करने तथा जानकारियों के लीक होने से बचाने के लिए किया जाता हैं।

4. प्रिंटिंग की प्रक्रिया – बजट की छपाई वित्त मंत्रालय के निजी प्रिंटिंग प्रेस में होती है ताकि कोई जानकारी या सूचना लीक न हो जाये। संसद में वित्त मंत्री द्वारा दिया जाने वाला भाषण एक सबसे सुरक्षित दस्तावेज है। यह बजट की घोषणा होने के दो दिन पहले मध्यरात्रि में प्रिंटर्स को सौंपा जाता है।
पहले बजट पेपर्स राष्ट्रपति भवन पर प्रिंट होते थे, लेकिन 1950 में बजट लीक हो गया जिसके बाद प्रिंटिंग का कार्य मिंटो रोड पर स्थित एक प्रेस में स्थानांतरित किया गया। 1980 से बजट नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में प्रिंट हो रहा है। यह वित्त मंत्रालय का निजी प्रेस हैं।

छपाई के दौरान जहां स्टेनोग्राफर और अन्य अधिकारी काम करते हैं और रहते हैं, वहां वित्त मंत्री के साथ ही इंटेलिजेस ब्यूरो के चीफ अचानक दौरा कर सकते हैं।

5. एक ब्रीफकेस चला 150 साल तक – बजट के दस्तावेजों को एक ब्रीफकेस में रखा जाता हैं। बहुत कम लोग जानते होंगे कि 7 अप्रैल 1860 में ब्रिटेन का बजट पेश करने के लिए जिस लाल ब्रीफकेस का उपयोग जेम्स विल्सन ने किया था, उसी में अगले 150 साल तक, यानी सन 2010 तक बजट पेश किया जाता रहा।

6. बजट की भाषा – संसद के दोनों सदनों में हर साल पेश होने वाली बजट ज्यादातर अंग्रेजी तथा कभी-कभी हिंदी भाषा में होती हैं। 1955-56 में पहली बार आम बजट से जुड़े सभी डॉक्युमेंट्स हिंदी में प्रिंट किए गए थे।

7. मोरारजी देसाई का रिकॉर्ड – मोरारजी देसाई के नाम पर सबसे ज्यादा बार देश का बजट पेश करने का रिकॉर्ड है। उन्होंने 10 बार बजट पेश किया था। इसके अलावा वह देश के अकेले वित्त मंत्री थे जिन्होंने अपने जन्मदिन के मौके पर भी बजट पेश किया। उन्होंने 29 फरवरी 1964 और फिर 29 फरवरी 1968 को अपने जन्मदिन पर बजट पेश किया था।

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